सीतामढी: जिला के बेलसंड प्रखंड अंतर्गत ग्रामीण विकास विभाग के अधीन आने वाली परतापुर-भटौलिया पथ की स्थिति अत्यंत जर्जर हो चुकी है। हल्की सी बारिश में भी यह सड़क जगह-जगह जलमग्न होकर पोखर का रूप ले लेती है। सड़क पर कीचड़ और बदबूदार गंदे पानी के जमाव के कारण पैदल और वाहन चालकों के लिए आवागमन करना बेहद जोखिम भरा हो गया है।
विशेष रूप से भंडारी बाजार, लक्ष्मी सिंह के घर के पास, अनुसूचित जाति टोला तथा भटौलिया गांव के समीप स्थिति सबसे अधिक भयावह है। जलजमाव के कारण क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ गया है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा लगातार बना हुआ है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण के दौरान विभागीय अभियंताओं ने न तो सड़क के समतलीकरण पर ध्यान दिया और न ही जल निकासी के लिए नालियों की व्यवस्था की। अभियंताओं की इस घोर लापरवाही और तकनीकी अनभिज्ञता का खामियाजा आज हजारों की आबादी को भुगतना पड़ रहा है। सड़क की दुर्दशा और रोजमर्रा की समस्याओं को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों के प्रति ग्रामीणों में गहरा असंतोष है। लोगों का कहना है कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद जनप्रतिनिधि पूरी तरह उदासीन बने हुए हैं।

