सीतामढी: बेलसंड से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां भूमि विवाद की जांच करने गई पुलिस टीम पर असामाजिक तत्वों ने जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में बेलसंड थाने में पदस्थापित पु अनि सुशील कुमार सिंह गंभीर रूप से जख्मी हो गए। उपद्रवियों ने पुलिस बल पर न सिर्फ पथराव किया, बल्कि दरोगा की वर्दी फाड़ दी और उनके साथ मारपीट भी की। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एक महिला समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अन्य आरोपी छत के रास्ते भागने में सफल रहे।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार को दोपहर करीब 12:15 बजे पु अनि सुशील कुमार सिंह सशस्त्र बल और होमगार्ड जवानों के साथ नगर पंचायत के वार्ड नंबर 03 निवासी गणेश प्रसाद के आवेदन की जांच और लंबित मामलों के अनुसंधान के लिए निकले थे। दोपहर करीब 12:45 बजे जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तो वहां गणेश प्रसाद के दो मंजिला मकान निर्माण को रोकने के संबंध में प्रतिवादी शिवजी भगत से पूछताछ शुरू की गई। पु अनि सुशील कुमार सिंह ने जब शिवजी भगत को समझाने का प्रयास किया कि गणेश प्रसाद अपनी ही जमीन और एक मंजिला मकान की दीवार पर आगे का निर्माण करा रहे हैं, और यदि उन्हें कोई आपत्ति है तो जमीन की नापी करा लें। इसी बात पर शिवजी भगत और उनके परिवार के लोग उग्र हो गए।
पुलिस टीम पर पथराव और दरोगा से मारपीट
आरोप है कि शिवजी भगत, उनका बेटा सिंकू कुमार, पत्नी प्रमिला देवी और वार्ड नंबर 02 निवासी सतीश कुमार ने एक राय होकर पुलिस टीम पर झूठे आरोप लगाने शुरू कर दिए और जान से मारने की नीयत से ईंट-पत्थर चलाने लगे। इस पथराव में एक ईंट पु अनि सुशील कुमार सिंह की कमर पर लगी, जिससे वे गंभीर रूप से चोटिल हो गए।
जब पुलिस बल ने आरोपियों को पकड़ना चाहा, तो शिवजी भगत, सिंकू और सतीश ने दरोगा की वर्दी का कॉलर पकड़कर खींचना शुरू कर दिया, जिससे उनकी शर्ट के बटन टूट गए। छीनाझपटी के दौरान आरोपियों ने दरोगा के दाहिने हाथ की कोहनी के पास नाखूनों से बुरी तरह नोच दिया, जिससे वे लहूलुहान हो गए।
अतिरिक्त बल ने की घेराबंदी, दो गिरफ्तार
स्थिति बिगड़ती देख पु अनि सुशील सिंह ने तुरंत वरीय अधिकारियों को मामले की सूचना दी। सूचना मिलते ही थाने से अतिरिक्त पुलिस बल और महिला होमगार्ड जवान मौके पर पहुंचे। भारी पुलिस बल को आता देख चारों आरोपी अपने घर में घुस गए और मुख्य दरवाजा बंद कर छत के रास्ते भागने की कोशिश करने लगे।
पुलिस टीम ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत घर की घेराबंदी की। दरवाजा खोलने में हुई देरी का फायदा उठाकर मुख्य आरोपी शिवजी भगत और उसका पुत्र सिंकू कुमार छत के रास्ते भागने में सफल रहे। हालांकि, महिला पुलिस बल ने भागने के क्रम में प्रमिला देवी को घर के अंदर ही दबोच लिया, जबकि उनके सहयोगी सतीश कुमार को भी खदेड़कर पकड़ लिया गया।
अस्पताल में इलाज और कानूनी कार्रवाई
हमले में घायल सब-इंस्पेक्टर सुशील कुमार सिंह का इलाज अनुमंडलीय अस्पताल बेलसंड में कराया गया। थानाध्यक्ष जंगो राम ने बताया कि जख्मी पु० अ० नि० सुशील कुमार सिंह के लिखित आवेदन के आधार पर चारों नामजद आरोपियों के खिलाफ ऑन-ड्यूटी पुलिस पर जानलेवा हमला करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और मारपीट करने की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, वहीं फरार शिवजी भगत और सिंकू कुमार की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

