बेलसंड के लाल ने नीट में लहराया परचम, 585 अंक लाकर क्षेत्र का नाम किया रोशन

बेलसंड के लाल ने नीट में लहराया परचम, 585 अंक लाकर क्षेत्र का नाम किया रोशन

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बेलसंड (सीतामढ़ी): कहावत है कि लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। इस पंक्ति को सच कर दिखाया है बेलसंड नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड संख्या 04, बसौल गांव के रहने वाले मेधावी छात्र शुभम कुमार ने। शुभम ने नीट परीक्षा में शानदार प्रदर्शन कर न सिर्फ अपने माता-पिता का नाम ऊंचा किया है, बल्कि पूरे बेलसंड क्षेत्र को गौरवान्वित किया है।
रैंक और अंकों में मनवाया लोहा
शुभम कुमार ने इस परीक्षा में 585 अंक प्राप्त किए हैं। ऑल इंडिया रैंक में उन्हें 15,907वां स्थान मिला है, जबकि ओबीसी कैटेगरी रैंक में उन्होंने 7,462वां स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। शुभम की इस गौरवपूर्ण सफलता की खबर मिलते ही उनके परिवार और पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई है।
शिक्षक पिता और गृहणी माता को मिला मेहनत का फल
शुभम के पिता राजेश गुप्ता पेशे से एक शिक्षक हैं और माता रेखा गुप्ता एक कुशल गृहिणी हैं। बेटे की इस सफलता पर माता-पिता फूले नहीं समा रहे हैं। शुभम के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनके पिता ने कहा यह शुभम की दिन-रात की कड़ी मेहनत और अटूट लगन का परिणाम है। हमें पूरा विश्वास था कि उसकी मेहनत रंग लाएगी। उसकी यह सफलता क्षेत्र के अन्य बच्चों के लिए भी एक बड़ी प्रेरणा बनेगी कि सीमित संसाधनों में भी बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं। 
स्थानीय स्कूल से कोटा के सफर की कहानी
शुभम शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी रहे हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती और स्कूली शिक्षा स्थानीय स्तर पर ही पूरी की। श्री गुरु शरण उच्च विद्यालय, बेलसंड से दसवीं में 74.2% अंकों के साथ उत्तीर्ण की और इसी विद्यालय से इंटर में 87.2% अंक लाकर अपनी मेधा का परिचय दिया। डॉक्टर बनने के अपने सपने को पूरा करने के लिए शुभम ने साल 2020 से 2025 तक राजस्थान के कोटा में रहकर कठिन परिश्रम किया और इस मुकाम को हासिल किया।
डॉक्टर बनकर देश की सेवा करने का है सपना
शुभम का सपना एक सफल कार्डियोलॉजिस्ट (हृदय रोग विशेषज्ञ) बनने का है, ताकि वे समाज और देश के गरीब व जरूरतमंद मरीजों की सेवा कर सकें। 
तीन भाइयों ने बढ़ाया मान: घर में इंजीनियर और अब डॉक्टर: शुभम के परिवार में शिक्षा और सफलता का माहौल पहले से ही रहा है। उनके बड़े भाई रंजन कुमार एक केमिकल इंजीनियर हैं, जबकि मँझले भाई साजन कुमार इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियर हैं। अब अपने बड़े भाइयों की राह पर चलते हुए शुभम भी चिकित्सा (Medical) के क्षेत्र में देश का नाम रोशन करने के लिए तैयार हैं। शुभम की इस सफलता पर बेलसंड क्षेत्र के गणमान्य लोगों और शुभचिंतकों ने बधाई दी है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

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